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STATEMENT RE. IMPLEMENTATION OF TWENTY-SEVENTH REPORT OF DEPARTMENT-RELATED PARLIAMENTARY STANDING COMMITTEE ON SOCIAL JUSTICE AND EMPOWERMENT



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#2059
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STATEMENT RE. IMPLEMENTATION OF TWENTY-SEVENTH REPORT OF DEPARTMENT-RELATED PARLIAMENTARY STANDING COMMITTEE ON SOCIAL JUSTICE AND EMPOWERMENT.
THE MINISTER OF MINORITY AFFAIRS (DR. NAJMA A. HEPTULLA): Sir, I make a statement regarding updated Status of implementation of recommendations contained in the Twenty-seventh Report of the Department-related Parliamentary Standing Committee on Social Justice and Empowerment on the subject "Scheme of Multi-sectoral Development Programme" pertaining to the Ministry of Minority Affairs.

(Ends)
STATEMENT RE. IMPLEMENTATION OF SIXTY-SEVENTH TO SEVENTIETH AND SEVENTY-FIFTH TO SEVENTY-EIGHTH REPORTS OF DEPARTMENT-RELATED PARLIAMENTARY STANDING COMMITTEE ON HEALTH AND FAMILY WELFARE.


THE MINISTER OF HEALTH AND FAMILY WELFARE (DR. HARSH VARDHAN): Sir, I make a statement regarding Status of implementation of recommendations contained in the Sixty-seventh to Seventieth and Seventy-fifth to Seventy-eighth Reports of the Department-related Parliamentary Standing Committee on Health and Family Welfare on Demands for Grants (2013-14) (Demand Nos. 47 to 50).

(Ends)


MR. DEPUTY CHAIRMAN: Now, ‘Matters to be raised with Permission of the Chair.’ ...(Interruptions)...

श्री नरेश अग्रवाल: श्रीमन्, आज सभी प्रमुख समाचार-पत्रों में यह खबर छपी है कि कल नेताओं की बैठक में तय किया गया कि हमारे सदन में जीरो ऑवर 11:00 बजे से लिया जाएगा।

श्रीमन्, मैंने संविधान को और हमारी नियमावली को भी पढ़ा है, यद्यपि इस में जीरो ऑवर का कहीं विवरण नहीं है, हां रूल 38 में यह जरूर prescribed है कि क्वेश्चन ऑवर 11:00 बजे से 12:00 बजे तक होगा, लेकिन चेयरमैन यदि चाहें तो उसे हटा सकते हैं। उसमें यह क्लॉज दिया हुआ है।

श्रीमन्, हमने ब्रिटिश पार्लियामेंटरी सिस्टम को adopt किया है और हिंदुस्तान का पार्लियामेंटरी सिस्टम, ब्रिटिश पार्लियामेंटरी सिस्टम पर चलता है और ब्रिटिश सिस्टम में जीरो ऑवर का मतलब 12:00 बजे है।

MR. DEPUTY CHAIRMAN: You are so fond of British.

SHRI NARESH AGRAWAL: Sir, I have read Shakdher. But I don’t have that book of Shakdher with me right now. श्रीमन्, चेयरमैन के किसी ऑर्डर को challenge करने की मेरी कोई नीयत नहीं है, लेकिन अगर कहीं कोई गलती हो रही है, तो हर सदस्य का अधिकार है कि उस गलती को ठीक करने के लिए, वह उन चीजों को सदन में रखे। श्रीमन्, जीरो ऑवर का मतलब था कि जब 12:00 बज जाएं और दिन चेंज हो, इसलिए 12:00 के बाद जीरो ऑवर रखा गया ..

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Okay. I have got the point. अभी आप बैठिए। ...(Interruptions)... I heard you.

श्री नरेश अग्रवाल : आप मेरी पूरी बात सुन लीजिए। डिप्टी चेयरमैन साहब, मैंने यह प्वाइंट उठाया है और मैं इस पर आपकी रूलिंग भी चाहूंगा। मैं नियमावली के साथ तथ्यपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहा हूं। आप कांस्टीट्यूशन या नियमावली में कहीं भी जीरो ऑवर का उल्लेख दिखा दें? सर, कल मैंने बहुत पढ़ा और सोचा कि शायद जीरो ऑवर का कहीं विवरण होगा, लेकिन जब मैंने ब्रिटिश पार्लियामेंटरी सिस्टम को देखा, तो वहां जीरो ऑवर को इसलिए adopt किया गया कि क्वेश्चन ऑवर के बाद, अगर कोई सदस्य जन हित से जुड़े मुद्दे को उठाना चाहे, तो उठाए। श्रीमन्, 11 बजे जीरो ऑवर हो ही नहीं सकता। आप किसी भी नियमावली के तहत जीरो ऑवर को 11 बजे शुरू नहीं कर सकते। यह invalid हो जाएगा, void हो जाएगा ..(व्यवधान)..

(1 /केएलजी पर आगे)

SKC-KLG/1O/12.05

श्री उपसभापति: अभी आप बैठ जाइए।...(व्यवधान)... अभी आप बैठिए।

श्री नरेश अग्रवाल: सर, मैं आपसे इतना कहूंगा।

श्री उपसभापति: आप बोल चुके हैं। अब आप बैठिए। ... (व्यवधान)...

श्री नरेश अग्रवाल: आप हिंदी में बोल रहे हैं, तो हमें अंग्रेजी में बोलना पड़ेगा। मेरा कहना यह है, श्रीमन्, कि जो कल निर्णय लिया गया, इस निर्णय पर पुनर्विचार कर लें, क्योंकि हिंदुस्तान की कोई असेम्बली ऐसी नहीं है, जहां 11.00 बजे क्वेश्चन ऑवर न होता हो।

श्री उपसभापति: आप बैठिए। ...(व्यवधान)...आप बोल चुके हैं। ...(व्यवधान)..

श्री नरेश अग्रवाल: लोक सभा में भी 11.00 बजे क्वेश्चन ऑवर होता है।

श्री उपसभापति: नरेश जी, आप बैठिए। Nareshji, I allowed you. Now you take your seat. ...(Interruptions)...

DR. T. SUBBARAMI REDDY: Sir, I agree with him. He is right. ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Now, you please take your seat.

श्री नरेश अग्रवाल: पहले भी यह सिस्टम यहां लागू किया जा चुका है, फेल हुआ। इसे लागू करने से पहले मैं चाहूंगा कि ज़ीरो ऑवर पर आप प्रकाश डाल दें और हमें बता दें कि इसे क्यों 11.00 बजे किया जाना है?

श्री उपसभापति: आप बैठिए। सुनिए। ...(व्यवधान)..

श्री अवतार सिंह करीमपुरी: सर, बहुत गंभीर विषय है। ...(व्यवधान)... सर, प्वाइंट ऑफ ऑर्डर।

श्री उपसभापति: प्वाइंट ऑफ ऑर्डर? जीरो ऑवर के बाद।... (व्यवधान)...

DR. T. SUBBARAMI REDDY: Sir, I agree with Shri Naresh Agrawal. ...(Interruptions)...

SHRI NARESH GUJRAL: Sir, the hon. Member has a Point of order. It is an important issue. ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Is it a Point of order? ...(Interruptions)...

SHRI NARESH GUJRAL: No, Sir. It is about an issue ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Is it about the Zero Hour? ...(Interruptions)...

SHRI NARESH GUJRAL: No, Sir. The hon. Member has raised a very important issue over the last two days. ...(Interruptions)...

श्री बलविंदर सिंह भुंडर: सर, आपने फ्राइडे को बोला था कि ज़ीरो ऑवर के लिए लिखकर दे दीजिए। मैंने फ्राइडे को लिखकर दिया, कल मंडे को भी दिया। आज भी उसमें नंबर नहीं आया। ...(व्यवधान)...

श्री उपसभापति: बैठिए। मैं इसको देखूंगा, आप बैठिए।...(व्यवधान)... किसने बोला, यह नहीं है? आप बैठिए। ज़ीरो ऑवर लेने दीजिए। आप बैठिए। ...(व्यवधान)... किसने बोला कि नहीं है? आप बैठिए। आप क्या करते हैं? Now, Mr. Karimpuri, you are on a Point of order. ...(Interruptions)...

श्री अवतार सिंह करीमपुरी: उपसभापति जी, आपके माध्यम से मैं सदन के ध्यान में यह लाना चाहता हूँ कि दुनिया के दूसरे मुल्कों, अफगानिस्तान, इंग्लैंड, कनाडा में सिखों के ऊपर ...(व्यवधान)...

DR. T. SUBBARAMI REDDY: Sir, I am on a Point of order. ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: No, no. Mr. Karimpuri asked first. You may sit down. ...(Interruptions)...

श्री नरेश अग्रवाल: सर, पहले हमारे बारे में ...(व्यवधान)..

MR. DEPUTY CHAIRMAN: I would give it to you. ...(Interruptions)... If it is the same subject, I would solve it together. ...(Interruptions). No, no. ...(Interruptions)... I would allow you later. This is not the time for that. ...(Interruptions)... Mr. Karimpuri, let me dispose it of. ...(Interruptions)...

श्री अवतार सिंह करीमपुरी: सर, *

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Mr. Karimpuri, sit down. It is not going on record. ...(Interruptions)... It is not going on record. Now, what is your Point of order, Mr. Reddy?

DR. T. SUBBARAMI REDDY: Sir, you allow Zero Hour submissions only for 30 minutes. How can you have it between 11 and 12 o’clock? It doesn’t match. You would be breaking the rules. So, I don’t accept this. ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Okay, okay. Please sit down. Now, listen. राम गोपाल जी, बैठिए।...(Interruptions)... Now, listen. ...(Interruptions)... What is your problem? Is it on the same subject?

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* Not recorded


SHRI MOHAMMED ADEEB: Sir, I don’t belong to any party. Whenever I apply for...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: But you belong to my party! ...(Interruptions)... I am also one among you. You belong to my party.

SHRI MOHAMMED ADEEB: What to do? I am writing every day to give me a chance but you don’t give me a chance! This is absolutely wrong. Since I don’t belong to any party, you don’t give me any preference!

श्री उपसभापति: आप बैठिए, बैठिए। Let me see.

श्री मोहम्मद अदीब: आप कह दीजिए कि नहीं एप्लाई करना है। आप ऑर्डर कर दीजिए कि यदि कोई सदस्य किसी भी पार्टी का नहीं है, तो उसका विषय ज़ीरो ऑवर में नहीं लिया जाएगा।

شری محمد ادیب : آپ کہہ دیجئے کہ نہیں اپیلائی کرنا ہے۔ آپ آرڈر کردیجئے کہ اگر کوئی سدسے کسی بھی پارٹی کا نہیں ہے، تو اس کا وِشے زیرو آور میں نہیں لیا جائے گا۔

श्री उपसभापति : आप बैठिए, बैठिए। आपको मालूम है, यह आज नहीं आने वाला है।
श्री मोहम्मद अदीब: आज का नहीं, मैं जब देता हूँ, तब नहीं लिया जाता।

شری محمد ادیب : آج کا نہیں، میں جب دیتا ہوں، تب نہیں لیا جاتا۔

श्री उपसभापति: सुनिए, आज की लिस्ट में नहीं है। नहीं है, तो कब ..(व्यवधान)..

श्री मोहम्मद अदीब: आप बता दीजिए, जो पार्टी से नहीं है,آپ بتادیجئے، جو پارٹی سے نہیں ہے، he has no right to speak in this House. That’s okay! ...(Interruptions)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Kindly meet the hon. Chairman. Please sit down. Now, Shri Naresh has raised a point. First of all, Nareshji, I did not say ‘Zero Hour’ now. I said, ‘Matters to be Raised with Permission of the Chair’. That is what I said. ऐसा ही बोला। Now, secondly, there is a Rule Book. I am guided by the Rule Book. रूल बुक में क्या कहा गया है, उसके अनुसार मैं काम करूंगा। ...(व्यवधान)...

श्री नरेश अग्रवाल: किस रूल में?

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Let me ...(Interruptions)... बैठिए, बैठिए। You know the rule. You can see Rule 38. Accordingly, as far as I know, even today the House proceedings are according to that. If the rule is amended, there is a proper forum to examine the rules. There is a proper forum. ...(Interruptions)... There is the Rules Committee. The Rules Committee has got powers to look into every rule, whether it operates properly or not and whether it is convenient to Members or not. The Rules Committee will examine if there is any such proposal, and after the Rules Committee examines it, if the Rules Committee takes a decision, that decision will be brought forth to the House! And, if the House agrees, then the rule will be changed. Then only it is applicable to me. Therefore, your Point of order today has no relevance. I am sorry.

(CONTD. BY HK/1P)



-SKC/HK-MP/1P/12.10

MR. DEPUTY CHAIRMAN (CONTD.): Now, Shri K.T.S. Tulsi, matters to be raised with the permission of the Chair. ...(Interruptions)...

MATTERS RAISED WITH PERMISSION OF CHAIR

ALLEGATION OF SEXUAL HARASSMENT OF A LADY JUDGE OF GWALIOR AGAINST A SITTING JUDGE OF MADHYA PRADESH HIGH COURT

SHRI K.T.S. TULSI (NOMINATED): Hon. Deputy Chairman, Sir, I rise to draw the attention of this august House to the inordinate delay in determining the truth with regard to the allegations made by a senior lady Judge against a sitting High Court Judge with regard to sexual harassment. I want to mention to you, Sir, that this lady Judge had an outstanding and excellent Annual Confidential Report even up to January 2014. According to her allegations which are apparent in the media, there were repeated demands made by a sitting High Court Judge asking her to come to his house alone and also to dance to an item number. She refused to go. According to the reports on 22nd June, she went with her husband to the house of the sitting Judge and complained about undue interest being shown by him in his wife. On 8th July, she was transferred to a remote place as a matter of punishment perhaps, despite the fact that her daughter was studying in Class XII and was in the midst of her Class XII examination. On 15th July, out of disgust she resigned from her job in spite of the fact that she had a brilliant career. Now we do not know what the truth is. All that we know is that no Judge in the country has any constitutional immunity against prosecution for a crime that may have been committed. This is completely independent junket; it has got nothing to do with his official duty. She made complaints on the 1st of August to the Chief Justice of India and also to the Chief Justice of the High Court. According to us, there is no report of any action having been taken or any enquiry having been ordered to determine the truth, nor has any consent been given for registration of an FIR. I submit that delay in these matters with regard to investigation or enquiry is very crucial and this is bound to demoralize the lady judicial officers throughout the country. I urge this House to use its good offices in impressing upon the Chief Justice that prompt decision should be taken on her complaint.

(Ends)


MR. DEPUTY CHAIRMAN: This is not our job; this is for the Chief Justice. All those who associate, their names can be added. But it is a matter to be considered by the hon. Chief Justice, not by us.

SHRI D. RAJA (TAMIL NADU): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

SHRI P. BHATTACHARYA (WEST BENGAL): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

SHRI M.P. ACHUTHAN (KERALA): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

DR. T.N. SEEMA (KERALA): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

SHRIMATI WANSUK SYIEM (MEGHALAYA): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

SHRI K.N. BALAGOPAL (KERALA): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

MS. ANU AGA (NOMINATED): Sir, I associate myself with the issue raised by the hon. Member.

श्री दिग्विजय सिंह (मध्य प्रदेश) : महोदय, मैं इस विषय के साथ एसोसिएट करता हूं।

श्री अली अनवर अंसारी (बिहार) : महोदय, मैं भी इस विषय के साथ एसोसिएट करता हूं।

श्रीमती विप्लव ठाकुर (हिमाचल प्रदेश) : महोदय, मैं अपने आपको इस विषय के साथ सम्बद्ध करती हूं।

श्री महेन्द्र सिंह माहरा (उत्तराखंड) : महोदय, मैं इस विषय के साथ एसोसिएट करता हूं।

श्री के.सी. त्यागी (बिहार) : सर, मैं अपने आपको इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूं।

श्रीमती जया बच्चन (उत्तर प्रदेश) : सर, मैं भी इस विषय के साथ एसोसिएट करती हूं।

श्री अवतार सिंह करीमपुरी (उत्तर प्रदेश) : सर, मैं भी इस विषय के साथ एसोसिएट करता हूं।

श्री जी.एन. रतनपुरी (जम्मू और कश्मीर) : सर, मैं भी इस मुद्दे के साथ एसोसिएट करता हूं।

(समाप्त)



ALLEGED IRREGULARITIES BY CERTAIN BANKS IN SANCTIONING LOANS TO SOME CORPORATE HOUSES

श्री के.सी. त्यागी (बिहार) : सर, मैं वित्त मंत्री महोदय की उपस्थिति का लाभ लेते हुए आपके सामने एक महत्वपूर्ण मसले का ज़िक्र करना चाहता हूं। प्रकाश इंडस्ट्रीज़ के एम.डी. गिरफ्तार हुए हैं और सिंडिकेट बैंक के सी.एम.डी. पैसे लेते हुए गिरफ्तार हुए हैं। सर, देश में यह पहली घटना नहीं है। देश के जो फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और बैंक हैं, उनके अंदर पिछले 40-50 सालों से या जब से राष्ट्रीयकरण हुआ है, खास तौर से उसके बाद से, कई लाख करोड़ रुपए बड़े-बड़े पूंजीपतियों पर बकाया हैं। इसमें अब बिल्डर्स का नेक्सस और जुड़ गया है और इन पर उस तरह की धाराएं नहीं लगती हैं, जैसी सामान्य लोगों पर लगती हैं। जब वी.पी. सिंह जी देश के वित्त मंत्री थे, उन्होंने देश के एक बड़े पूंजीपति के खिलाफ वॉरंट निकाला था, जो पुणे के थे, मैं नाम नहीं लेना चाहता और रात को 12 बजे जज साहिबान बैठे और उन्होंने उनको जमानत दे दी। ऐसा किसी सामान्य केस में नहीं होता है, लेकिन जो पैसे वाले हैं, अदालत जब चाहे उनके डिस्पोजल पर हो जाती है, तो मैं कहना चाहता हूं कि यह अकेला केस नहीं है।

(1Q/SC-KSK पर जारी)

mp/hk -- KSK/SC/12.15/1Q



श्री के.सी.त्यागी (क्रमागत) : एक बिचौलिया है और जो भूषण स्टील का उपाध्यक्ष है, उसकी एसेट्स की कोई सीमा नहीं है, लेकिन चालीस हजार करोड़ रुपए उस पर बकाया हैं। एक और पूंजीपति है, उसका जिक्र करना ठीक नहीं है। आईडीबीआई बैंक के पास ऑलरेडी 950 करोड़ रुपए का बैड लोन है। उसके बाद भी बैंक उसको लोन दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त पोलिटिकल वर्कर्स, चाहे इधर के हों या उधर के हों, बैंकों में डायरेक्टर लग जाते हैं, अखबारों की सुर्खियां बनती हैं। ये जो बैंक के डायरेक्टर हैं, भूपेन्द्र सूरी, उन्होंने अपनी एक बेटी को, जो हमारे नोएडा से एमबीए करके गयी, 17 जुलाई 2012 को डायरेक्टर बना दिया। पोलिटिकल वर्कर बनेगा तो अखबारों में सुर्खियां बनेंगी कि फलां कमेटी का अध्यक्ष क्यों बना दिया है? सर, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि एक बिल्डर का और बैंक के सीएमडी या एमडी, जो भी हैं, उनका नेक्सस हो गया है। एक नया पैसा जेब में नहीं है, जमीन ली, बैंक में एप्लाई किया, पैसे दे दिए। अभी नोएडा में सुपरटेक के जो मालिक हैं, उनकी दो चालीस मंजिला बिल्डिंग्स गिराने के आदेश दिए हैं क्योंकि उसने उस तरह की फॉर्मेलिटीज़ पूरी नहीं कीं। सर, मार्च 2011 में यूको बैंक के जो विलफुल डिफॉल्टर्स थे, वे 78 थे और 2013 में यह संख्या 317 हो गयी? किस बात का इनाम उन्हें दिया गया?..(समय की घंटी)..

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Your time is over. Now Shri P. Rajeeve. खत्म हो गया। टाइम खत्म हो गया। मैं क्या करूं?

श्री के.सी.त्यागी: *

श्री उपसभापति : त्यागी जी, टाइम खत्म हो गया है। क्या फायदा होगा? It is not going on record. माइक ऑफ है। You should compress your statement to three minutes. Otherwise, your important sentence, that is, the last sentence, will not come on record.

(Ends)



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